Wonder of life


हे मूर्ख मानव! तूने कैसा आश्चर्य कर रखा है कि मृत्यु को भूला दिया
है। तेरा शरीर एक दिन मृत्यु को प्राप्त होकर मिट्टी में मिल जाएगा। तेरा
नाम-निशान यानि चिन्ह भी दिखाई नहीं देगा। जैसे आटे में नमक मिलने पर
दिखाई नहीं देता। भावार्थ है कि मृत्यु का दिन भूलकर ही मनुष्य (स्त्री-पुरूष)
स्वार्थ वश गलतियाँ करता है और संसार में बेफिक्र रहता है। यदि मृत्यु याद है तो
मानव कभी पाप व गफलत नहीं कर सकता।


इसलिए सद्भक्ति करें और जीवन सफल बनाएं।
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