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मई, 2020 की पोस्ट दिखाई जा रही हैं

Kabir Saheb's Nature in Dwapar Yuga

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”द्वापरयुग में कविर्देव (कबीर साहेब) का करूणामय नाम से प्राकाट्य“ परमेश्वर कबीर (कविर्देव) द्वापर युग में करूणामय नाम से प्रकट हुए थे। उस समय एक वाल्मीक जाति में उत्पन्न भक्त सुदर्शन सुपच (अनुसुचित जाति का) उनका शिष्य हुआ था। इसी सुदर्शन जी ने पाण्डवों की यज्ञ सफल की थी। जो न तो श्री कृष्ण जी के भोजन करने से सफल हुई थी, न ही तेतीस करोड़ देवताओं, अठासी हजार ऋषियों, बारह करोड़ ब्राह्मणों, नौ नाथों, चैरासी सिद्धों आदि के भोजन खाने से सफल हुई थी। भक्त सुदर्शन वाल्मीक पूर्ण गुरु जी से वास्तविक तीन मंत्रा प्राप्त करके सत साधना गुरु मर्यादा में रहते हुए कर रहा था। अधिक जानकारी के लिए देखें हमारी वेबसाइट http://www.jagatgururampalji.org

Wonder of life

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हे मूर्ख मानव! तूने कैसा आश्चर्य कर रखा है कि मृत्यु को भूला दिया है। तेरा शरीर एक दिन मृत्यु को प्राप्त होकर मिट्टी में मिल जाएगा। तेरा नाम-निशान यानि चिन्ह भी दिखाई नहीं देगा। जैसे आटे में नमक मिलने पर दिखाई नहीं देता। भावार्थ है कि मृत्यु का दिन भूलकर ही मनुष्य (स्त्री-पुरूष) स्वार्थ वश गलतियाँ करता है और संसार में बेफिक्र रहता है। यदि मृत्यु याद है तो मानव कभी पाप व गफलत नहीं कर सकता। इसलिए सद्भक्ति करें और जीवन सफल बनाएं। अधिक जानकारी के लिए पढ़ें पुस्तक *जीने की राह* देखें हमारी वेबसाइट http://www.jagatgururampalji.org

Holy work of Sant Rampal Ji Maharaj

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नशा मुक्ति अभियान आज समाज में नशा एक ऐसी सामाजिक बुराई है जिसके कारण समाज पतन की तरफ जा रहा है। इस नशे ने एसी जड़ें जमा रखीं हैं कि इससे मुक्त होना हर किसी के वश की बात नहीं है। इस नशे के कारण हर इंसान दुःखी हैं। नशा करने के बाद मनुष्य मनुष्य नहीं रहता वह शैतान बन जाता है। इस के कारण हजारों घर बर्बाद हो जातें हैं व अनेक महिलाओं को भी इसकी प्रताड़ना सहन करनी पड़ती है। लेकिन संत रामपाल जी महाराज ने इस नशे को जड़ से खत्म करने का काम किया है। संत रामपाल जी महाराज ने नशा मुक्त भारत अभियान चलाया है। संत रामपाल जी महाराज से नाम उपदेश लेने के बाद मनुष्य नशा करना तो दूर की बात वह नशीली वस्तुओं को छूता भी नहीं है। वह नशें से कोसों दूर हो जाता है। समाज सुधार में संत रामपाल जी महाराज की अच्छी पहल है इससे भारत ही नहीं पूरा विश्व लाभान्वित होगा। मनुष्य को ज्ञान हो जाने के बाद वह नशें से घृणा करने लग जाता है। आज संत रामपाल जी महाराज से नाम उपदेश लेने लाखों लोगों का नशा छूट गया है। सभी सुखी जीवन जी रहे हैं। दहेज मुक्त अभियान आज समाज में दहेज एक ऐसी बुराई है जिसके कारण समाज...

Resurgence of india

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भारत की आज की स्थिति आज के समय में समाज का स्तर बहुत ही गिरता जा रहा है क्योंकि माया की चकाचौंध में मनुष्य आज सब कुछ भूलकर बस धन इकट्ठा करने में लगा है इस कारण मनुष्य ने अपना मनुष्य मनुष्यत्व खो दिया है। आज समाज में अनेक प्रकार की बुराइयां ने घर कर रखा है। जैसे जाति प्रथा, छुआछूत दहेज प्रथा, नशाखोरी, रिश्वतखोरी आदि। इन सब बुराइयों के कारण मनुष्य बहुत ही दुःखी हैं क्योंकि वह समाज में लोक लाज के कारण भी इन बुराइयों को छोड़ नहीं पा रहा है। भारत के पुनरुत्थान में अनेक संस्थाओं द्वारा अपना योगदान दिया गया। जिसमें समाज सुधारक राजा राममोहन राय ने समाज से सती प्रथा को बंद करवा दिया। जिस कारण आज समाज सर्व बहन बेटी सुखी है। और भी समाज सुधारकों ने अपना-अपना योगदान दिया। सरकार द्वारा भी समाज में फैली बुराइयों को खत्म करने के लिए योजनाएं चलाई जा रही है। सरकार द्वारा अनेक नशा मुक्ति केंद्र चलाए जा रहे हैं।  लेकिन अभी तक इसको जड़ से खत्म नहीं किया जा सका। भारत के पुनरुत्थान में अनेक संस्थाओं द्वारा प्रयास करने के बावजूद भी सुधार नहीं हुआ है। लेकिन भारत पुनरुत्थान में एक संत...

कैंसर का कारण व इलाज

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कैंसर एक ऐसी भयंकर बीमारी है जिसका नाम लेते ही    डर लगने लगता है। कैंसर जैसी भयानक बीमारी से भारत ही नहीं पूरा विश्व पीड़ित है। इस बीमारी को लेकर हर किसी के मन में खौफ है। शरीर के किसी अंग में होने वाली कोशिकाओं की अनियंत्रित वृद्धि कैंसर का कारण बनती है। कैंसर नशीली वस्तुएं शराब, तंबाकू आदि के सेवन करने से भी हो सकता है। ज्यादातर कैंसर दूषित वातावरण से हो सकता है खराब आहार, ख़राब प्रतिरक्षा (रोगों से लड़ने की ताकत) के कारण भी हो सकता है। कैंसर के इलाज के लिए अनेक संस्थाओं ने अपना पूरा प्रयास किया है इनमें एक संस्था है 'कैन फाइट कैंसर' जिसने कैंसर से जूझ रहे मरीजों को आर्थिक मदद की जरूरत हो या फिर मानसिक तौर पर मजबूती देने की हर तरह से सहायता प्रदान की है इसके लिए विभिन्न उद्योगपति यूनिट में डॉक्टर कुणाल जैन और उनकी टीम तंबाकू के दुष्प्रभाव से मजदूरों को अवगत कराती है। कैंसर के इलाज के लिए अनेक संस्थाओं ने अपने अपने स्तर पर प्रयास किए हैं लेकिन इस कैंसर जैसी भयानक बिमारी का अब तक कोई इलाज नहीं है। वेद बताते हैं कि पूर्ण परमात्मा की सत भक्ति करने से रोगियों के रोग...

मनुष्य जीवन का मूल उद्देश्य

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यदि साधक को परमात्मा पर विश्वास ही नहीं है तो नाम सिमरन का कोई लाभ नहीं उसके मानव जीवन को काम, क्रोध, मोह, लोभ, अहंकार रूपी पाँच चोर मुस(चुरा) रहे हैं। इन पांचों की पाँच पाँच प्रकृति यानी 25 ये तथा उनके आधीन होकर कोठी बंगले बनाने में, कभी कार गाड़ी खरीदने में जीवन नष्ट कर देता है। सद्गुण के प्रभाव से पहले तो किसी पर दया करके बिना सोचे समझे लाखों रुपए खर्च कर देता है। फिर उसमें त्रुटि देखकर तमोगुण के प्रभाव से झगड़ा कर लेता है। इस प्रकार तीन गुणों के प्रभाव से मानव जीवन नष्ट हो जाता है। मनुष्य जीवन का केवल एक ही उद्देश्य है सत भक्ति करके मोक्ष प्राप्त करना सत भक्ति ना करने से 84 लाख योनियों में जीव को महान कष्ट उठाना पड़ता है यदि तत्वदर्शी संत से ज्ञान सुनकर विश्वास के साथ नाम का जाप करें तो मानव जीवन सफल हो जाता है। अधिक जानकारी के लिए देखिए साधना टीवी पर शाम 7:30 बजे अधिक जानकारी के लिए देखे हमारी वेबसाइट http://www.jagatgururampalji.org

सत भक्ति से पूर्ण लाभ

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सत्य साधना शास्त्रोक्त विधि से करने से परमात्मा के प्रति प्रेम उत्पन्न होता है। सुमिरन करते समय या परमेश्वर की महिमा सुनने तथा परमात्मा का विचार आने पर प्रभु प्रेम में आंसू बहने लगते हैं। जो पाप कर्म नष्ट होने का प्रतीक है। जैसे तेज वायु चलने से बादल तितर-बितर हो जाते हैं। सूर्य का प्रकाश स्पष्ट नया ताजा दिखाई देने लगता है इसी प्रकार नाम जाप से उत्पन्न प्रेम की आंधी से आत्मा तथा परमात्मा के सामने से पाप कर्म रूपी बादल तितर-बितर हो जाते हैं फिर परमेश्वर जी दिव्य दृष्टि से दिखाई देते हैं। उनका नूर पहले अगोचर था फिर दिव्य दृष्टि गोचर हुआ उसी परमेश्वर की भक्ति से पूर्ण निर्वाण प्राप्त होता है। वह परमात्मा सत धाम सतलोक में रहता है। अधिक जानकारी के लिए देखिए हमारी वेबसाइट http://www.jagatgururampalji.org

कोरोना का खात्मा

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आज कोरोना जैसी भयंकर महामारी ने पूरे विश्व को अपनी चपेट में ले लिया है। आज फ्रांस, इटली, जर्मनी, अमेरिका आदि विकसित देशों ने भी इस कोरोना जैसी भयंकर महामारी के आगे घुटने टेक दिए हैं। अमेरिका जैसे विकसित राष्ट्र में आज 72 हजार से अधिक लोगों की मौत हो चुकी है। यह वायरस अब भयंकर बीमारी का रूप ले चुका है। भारत में हमेशा से ही जब भी घोर संकट आया है भारत को संतों ने ही बचाया है। पूरे विश्व में एकमात्र संतरामपालजीमहाराज है जो इस संकट से पूरे विश्व को निकाल सकते हैं। वह सच्चे संत है। अधिक जानकारी के लिए देखें हमारी वेबसाइट 👇👇👇👇 http://www.jagatgururampalji.org